-24 से अधिक दुकानों को नोटिस दिया,देहरादून में 100 किलो कुट्टू का आटा किया नष्ट
-एफडीए व स्वास्थ विभाग की संयुक्त टीम करेगी पूरे मामले की जांच
देहरादून। देहरादून व हरिद्वार में कुट्टू के आटे से फूड प्वाइजनिंग के कई लोगों के बीमार होने के बाद सीएम के निर्देश पर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने सख्ती बरती है। मंगलवार को विभाग ने प्रदेशभर में पंद्रह सौ से अधिक दुकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 100 से अधिक सैंपल भरे गए। 24 से अधिक दुकानों को नोटिस दिए गए हैं। इस दौरान दून में 100 किलो दूषित आटे को जब्त कर उसे नष्ट किया गया।
कुट्टू के आटे के पकवान खाने से लोगों के बीमार पड़ने के मामले की जांच के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम का गठन किया गया है। यह समिति तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट देगी। एफडीए के अपर आयुक्त ताजबर सिंह की अध्यक्षता में गठित समिति में उपायुक्त राजेंद्र सिंह रावत, सतर्कता सह अभिसूचना शाखा के अधिकारी और स्वास्थ्य महानिदेशक की ओर से नामित दो वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. आर राजेश कुमार के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री डा. धन सिंह रावत के निर्देश पर प्रदेश के सभी 13 जिलों में छापेमारी अभियान चलाया गया। इस दौरान कुट्टू के आटे समेत कई वस्तुओं के सैंपल लिए गए हैं। मिलावट की आशंका को देखते हुए कुट्टू के आटे को बड़ी मात्रा में नष्ट भी किया गया। उन्होंने कहा कि उन सभी दुकानदारों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जो मिलावट में लिप्त पाए जाएंगे। मिलावट करने वालों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि आम जनता को भी मिलावटखोरों के खिलाफ जागरूक होने की जरूरत है। जनता की सहायता से ही मिलावटखोरी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है। लोगों को यह समझना होगा कि मिलावटी खाद्य पदार्थ उनके स्वास्थ्य के लिए कितना हानिकारक हो सकते हैं। मिलावटखोरी का मामला सिर्फ एक कानूनी चुनौती नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी है, जिसे हम सबको मिलकर हल करना है। यदि किसी खाद्य पदार्थ के सेवन के बाद अस्वस्थ महसूस करें, तो तुरंत डाक्टर से संपर्क करें। किसी भी खाद्य पदार्थ में मिलावट का संदेह होने पर इसकी जानकारी टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-4246 पर दें।